पिथौरागढ़: जनपद के धारचूला में एनएचपीसी पॉवर हाउस की टनल में लैंडस्लाइड हुआ. जिसके बाद एनएचपीसी पॉवर हाउस का मुहाना बंद हो गया. जिसके कारण एनएचपीसी पॉवर हाउस के 19 कर्मचारी और अधिकारी टनल के अंदर फंस गये. जिसके बाद आनन फानन में जिला प्रशासन को घटना की जानकारी दी गई. जानकारी के बाद राहत और बचाव कार्य के लिए टीमें मौके पर पहुंची.
पिथौरागढ़ भारी वर्षा के चलते पिथौरागढ़ के धारचूला में एलागाड़ के पास एनएचसी की जल विद्युत परियोजना के नुकसान की सूचना है. ताजा जानकारी के अनुसार टनल के ऊपर भारी भूस्खलन के चलते धौलीगंगा जल विद्युत परियोजना की एक टनल बुरी तरीके से क्षतिग्रस्त हुई है. उसका ऊपर ही हिस्सा जो क्षतिग्रस्त हुआ है वह दिखाई दे रहा है और अंदर जिस तरह से पानी रिसता हुआ दिख रहा है समझा जा सकता है.
पिथौरागढ़ जनपद में एनएचपीसी पॉवर हाउस की टनल पर हुए भूस्खलन के बाद किए गए राहत और बचाव कार्य की जिलाधिकारी श्री विनोद गोस्वामी ने दी जानकारी।#Pithoragarh #NHPCPithoragarh#Uttarakhand pic.twitter.com/0q6PmNp0da
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) August 31, 2025
धारचूला के ऐलागाड़ स्थित भूमिगत एनएचपीसी पावर हाउस की टनल के मुहाने पर भूस्खलन की घटना हुई. जिसमें भारी मात्रा में मलबा एवं पत्थर जमा हो जाने से टनल का मार्ग अवरुद्ध हो जाने की खबरें थी. इस दौरान टनल के भीतर कार्यरत 19 कार्मिकों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई. जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने बताया जिला प्रशासन एवं बीआरओ. की तत्परता से राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है. सुरंग के मुहाने से मलबा हटाया जा चुका है. इमरजेंसी शाफ्ट एरिया को भी निरंतर साफ किया जा रहा है.
उन्होंने बताया अब तक 8 कार्मिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है. 11 बचे हुए कार्मिक भी सुरक्षित हैं. प्रशासन निरंतर संपर्क में बना हुआ है. जिला प्रशासन, बीआरओ, एनएचपीसी, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ एवं अन्य बचाव दल निरंतर संयुक्त प्रयास कर रहे हैं.
उपजिलाधिकारी धारचूला जितेन्द्र वर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि धौलीगंगा पावर स्टेशन को लेकर मीडिया में प्रसारित कुछ भ्रामक सूचनाओं के विपरीत पावर हाउस को कोई बड़ी क्षति नहीं हुई है. टनल के मुख्य द्वार पर बार बार आ रहे मलबे को सड़क सुरक्षा संगठन (BRO) के माध्यम से लगातार हटाया जा रहा है. मौके पर पर्याप्त मशीनरी एवं सुरक्षा बल (CISF/NDRF) तैनात हैं. सुरंग के अंदर किचन और खाने की व्यवस्था पहले से उपलब्ध है.
सुरक्षित निकाले गए कार्मिकों की सूची
- ऑपरेशन कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ, चन्दर सोनल
- डीजीऑपरेटर, शंकर सिंह
- सब-स्टेशन स्टाफ, पूरन बिष्ट
- मेंटेनेंस स्टाफ, नवीन कुमार, Er.(M)
- प्रेम डुग्ताल(E)
- धन राज बहादुर(M)
- गगन सिंह धामी(M
- सिविल, पी.सी. वर्मा, DM(C)
टनल के अंदर सुरक्षित स्टाफ
- ऑपरेशन स्टाफ, ललित मोहन बिष्ट, Er.(M)
- सूरज गुरुरानी, TE(M)
- विष्णु गुप्ता, JE(E)
ऑपरेशन कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ
- जितेन्द्र सोनल
- प्रकाश दुग्ताल
- कमलेश धामी
- सुनील धामी
मेंटेनेंस स्टाफ
- जी. ऑगस्टीन बाबू, DGM(E)
- अपूर्बा राय, DM(E)
मेंटेनेंस स्टाफ (कॉन्ट्रैक्ट)
- इंदर गुन्जयाल(E)
- कैंटीन स्टाफ, बिशन धामी
जिला प्रशासन, एनएचपीसी प्रबंधन, बीआरओ, पुलिस, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ तथा राजस्व विभाग के अधिकारी जिलाधिकारी पिथौरागढ़ के नेतृत्व में मौके पर सतत निगरानी बनाए हुए हैं. पिथौरागढ़ जिले में देर रात्रि लगातार बारिश जारी है. बारिश के कारण एक दर्जन सडकें बंदे हैं. कैलाश मानसरोवर यात्रा को जोड़ने वाला मार्ग भी कई स्थानों पर बंद है.