शोभायात्रा में विवाद (Photo- ETV Bharat)
रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर में हनुमान जयंती के अवसर पर निकली धार्मिक शोभायात्रा के बाद विवाद खड़ा हो गया. करणी सेना के पदाधिकारियों पर यात्रा में शामिल कलाकारों के साथ अभद्रता और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप लगे. इस मामले को लेकर बालाजी मंदिर समिति और भक्तों में भारी आक्रोश देखने को मिला.
रामनगर में हनुमान जयंती शोभायात्रा के दौरान विवाद: मंगलवार को बड़ी संख्या में मंदिर समिति के सदस्य और श्रद्धालु रामनगर कोतवाली पहुंच गए. उन्होंने करणी सेना के अध्यक्ष सूरज चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कोतवाली का घेराव कर धरना शुरू कर दिया और देर रात तक मंदिर के द्वार पर डटे रहे. समिति के सदस्यों का आरोप है कि शोभायात्रा के दौरान नृत्य कर रहे कलाकारों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया. साथ ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया गया, जिसमें यात्रा को लेकर भ्रामक और आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं.
धरने पर बैठ गए शोभायात्रा के आयोजक: मौके पर पहुंचे वरिष्ठ उप निरीक्षक दीपक बिष्ट और पीरुमदारा चौकी इंचार्ज वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने लोगों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे. इस दौरान ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी भी मौके पर पहुंचीं और लोगों को शांत कराने की कोशिश की. मामले के तूल पकड़ने पर देर रात मंदिर के महंत और श्रद्धालु कोतवाली से उठकर कोसी घाट स्थित सिद्ध पीठ बालाजी मंदिर के बाहर धरने पर बैठ गए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो बुधवार 2 अप्रैल को प्रस्तावित भंडारे समेत सभी धार्मिक कार्यक्रम रद्द कर दिए जाएंगे.
शांतिपूर्ण शोभायात्रा में इसलिए पड़ा खलल: कार्यक्रम आयोजक शुभम गर्ग ने कहा कि-
शोभायात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही थी. तभी सोशल मीडिया पर फैलाई गई गलत जानकारी से क्षेत्र में भ्रम और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. हमने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
-शुभम गर्ग, आयोजक-
करणी सेना अध्यक्ष का बयान: वहीं मामले में सूरज चौधरी का कहना है कि-
हमने पार्वती बने कलाकार से सही और मर्यादित कपड़े पहनने के लिऐ कहा था. हमारी इस बाद को गलत तरीके से ले लिया गया. धार्मिक आयोजन में देवी-देवताओं का रूप धरने वाले कलाकारों को मर्यादापूर्ण आचरण और वेशभूषा धारण करने की जरूरत है.
-सूरज चौधरी, अध्यक्ष करणी सेना-
करणी सेना अध्यक्ष ने मांगी माफी: विवाद उस समय शांत हुआ जब देर रात करणी सेना के अध्यक्ष सूरज चौधरी स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे. उन्होंने महंत समेत सभी श्रद्धालुओं से अपने व्यवहार को लेकर सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगी. इसके बाद लोगों ने धरना समाप्त कर दिया. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है. प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है.
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