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नई दिल्ली, 8 दिसंबर (आईएएनएस) श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को संसद को बताया कि इस साल 20 नवंबर तक सरकार के राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) पोर्टल पर सभी नौकरी चाहने वालों (महिलाओं, एससी/एसटी और ईडब्ल्यूएस सहित) के लिए 8.17 करोड़ रिक्तियां निकाली गई हैं।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, मंत्री ने यह भी कहा कि 20 नवंबर तक, 6.02 करोड़ से अधिक नौकरी चाहने वाले, (महिलाओं, एससी/एसटी और ईडब्ल्यूएस श्रेणियों सहित), और 54.27 लाख से अधिक नियोक्ता शुरुआत से एनसीएस पोर्टल पर पंजीकृत हैं।
उन्होंने बताया कि श्रम और रोजगार मंत्रालय एनसीएस पोर्टल चला रहा है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से निजी और सरकारी क्षेत्रों की नौकरियों, ऑनलाइन और ऑफलाइन नौकरी मेलों की जानकारी, नौकरी खोज और मिलान, करियर परामर्श, व्यावसायिक मार्गदर्शन, कौशल विकास पाठ्यक्रमों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी सहित करियर संबंधी सेवाएं प्रदान करने के लिए वन-स्टॉप समाधान है।
उन्होंने आगे कहा कि एनसीएस परियोजना में रोजगार सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्यों और संस्थानों के सहयोग से मॉडल कैरियर सेंटर (एमसीसी) की स्थापना की भी परिकल्पना की गई है। सरकार ने अब तक 407 मॉडल करियर सेंटरों को मंजूरी दी है।
मंडाविया ने हाल ही में विश्व आर्थिक मंच की ‘द फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025’ का हवाला देते हुए बताया था कि भारत की बेरोजगारी दर 2 प्रतिशत है, जो जी20 देशों में सबसे कम है।
उन्होंने कहा कि भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार सृजन हुआ है और उन्होंने इसमें योगदान देने वाली सक्षम सरकारी योजनाओं को रेखांकित किया।
पिछले वर्ष में, मंत्रालय ने अमेज़ॅन और स्विगी सहित दस प्रमुख संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। मंत्री ने कहा कि इन साझेदारियों ने पहले ही लगभग पांच लाख रिक्तियां जुटा ली हैं।
युवाओं पर सरकार के नए फोकस पर प्रकाश डालते हुए, मंडाविया ने याद दिलाया कि अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और अवसरों का समर्थन करने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये के कुल बजट के साथ पांच प्रमुख योजनाओं के पैकेज की घोषणा की थी।
इस पैकेज का एक मुख्य आकर्षण प्रधान मंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) है, जिसमें 99,446 करोड़ रुपये का आवंटन है, जिसका उद्देश्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों के सृजन को प्रोत्साहित करना है, जिनमें से 1.92 करोड़ को पहली बार कार्यबल में प्रवेश करने वालों को लाभ होगा।
–आईएएनएस
एसपी/ना

