उत्तराखंड में खो-खो के नेशनल खिलाड़ियों की मां पर गुलदार ने किया अटैक (PHOTO-ETV Bharat)
नैनीताल: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. वन्यजीव अब घनी आबादी के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराकर दहशत का पर्याय बनते जा रहे हैं. बाघ, गुलदार और अब भालू ने भी पर्वतीय इलाकों में लोगों को डर के साये में जीने पर मजबूर कर दिया है. ऐसी ही एक घटना 3 अप्रैल को नैनीताल जिले के भीमताल स्थित सूर्या गांव क्षेत्र में घटी. यहां गुलदार (लेपर्ड) ने एक महिला को निवाला बना दिया. महिला के तीन बेटे हैं, जिसमें दो बेटे खो-खो खेल के नेशनल लेवल प्लेयर और एक बेटा स्टेट लेवल प्लेयर है.
घटना के मुताबिक, 3 अप्रैल की दोपहर हंसी देवी मवेशियों के लिए चारा पत्ती लेने के लिए जंगल गई हुई थी. देर शाम तक भी महिला घर नहीं लौटी तो पति ने स्थानीय ग्रामीण और प्रशासन को जानकारी दी. इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम के साथ जंगल में सर्च अभियान चलाया. करीब दो घंटे की खोज के बाद हंसी देवी का शव जंगल में 4 किलोमीटर अंदर शत विक्षत हालत में मिला. वन कर्मियों ने प्रथम दृष्टया घटना को गुलदार द्वारा अंजाम देना बताया गया.
घटना पर डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया, जंगल से महिला का शव बरामद हुआ. महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया. गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया गया है. महिला के डीएनए सैंपल भी लिए गए हैं.
उधर, हंसी देवी की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है. हंसी के पति लाल सिंह सूर्या रानीबाग स्थित प्राथमिक विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं. उनके तीन बेटे हैं. जिसमें सबसे बड़ा बेटा 32 वर्षीय कमल सिंह और मझला बेटा 28 वर्षीय बालम खो-खो खेल के नेशनल खिलाड़ी हैं. जबकि सबसे छोटा बेटा 25 वर्षीय सूरज खो-खो खेल में ही राज्य स्तर का खिलाड़ी है. घटना के बाद तीनों बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार गहरे सदमे में है.
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