अधिवक्ता पर की गई कार्रवाई के बाद बार एसोसिएशन में आक्रोश (Photo-ETV Bharat)
देहरादून: जिलाधिकारी और अधिवक्ताओं के बीच विवाद गहराता जा रहा है. दून बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रेमचंद शर्मा के खिलाफ जिलाधिकारी द्वारा की कार्रवाई के बाद अधिवक्ताओं ने बड़ा ऐलान किया है. बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक कर निर्णय लिया है कि जिलाधिकारी देहरादून के ट्रांसफर होने तक पूर्ण रूप से न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा.
देहरादून बार एसोसिएशन आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है. बार एसोसिएशन ने प्रेस वार्ता कर कई आरोप लगाए. साथ ही जिलाधिकारी देहरादून के अधीन आने वाले राजस्व न्यायालय और तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी बात रखी. जहां खासकर तहसील में दाखिल खारिज, विरासत आदि की पत्रावलियां जो कई महीनों से लंबित हैं और राजस्व न्यायालयों जिसमें एडीएम (एफ) आदि में सुनवाई के लिए कोई समय नियत नहीं है. उस पर जिलाधिकारी देहरादून द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. साथ ही देहरादून बार एसोसिएशन ने बैठक कर निर्णय किया है कि जिलाधिकारी देहरादून के ट्रांसफर होने तक जिलाधिकारी न्यायालय का पूर्ण रूप से बहिष्कार और मंगलवार तक राजस्व न्यायालयों और रजिस्ट्रार कार्यालयों का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया जाता है.
दरअसल, 25 मार्च को कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में मैसेज दून वैली बनाम सरकार वाद की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता प्रेमचंद शर्मा ने न्यायालय की कार्रवाई पर टिप्पणियां की थी. जिला मजिस्ट्रेट ने इसे न्यायालय की गरिमा के प्रतिकूल और पेशेवर आचरण के गंभीर उल्लंघन के रूप में दर्ज किया है. प्रशासन में प्रकरण को प्रोफेशनल मिसकंडक्ट की श्रेणी में रखते हुए अनुशासन समिति को संस्तुति की है. जांच अवधि के दौरान अधिवक्ता प्रेमचंद शर्मा के प्रैक्टिस अधिकारों के निलंबन पर विचार का अनुरोध किया है. जिलाधिकारी की कार्रवाई पर देहरादून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि प्रेमचंद शर्मा बार एसोसिएशन के सात बार अध्यक्ष रह चुके हैं और बार चैंबर चैंबर समिति के अध्यक्ष भी हैं.
वरिष्ठ अधिवक्ता की ओर से यदि कोई टिप्पणी की थी तो जिलाधिकारी को इसकी सूचना बार एसोसिएशन को दी जानी चाहिए थी. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुकरेती ने बताया है कि अगर मंगलवार तक जिलाधिकारी का ट्रांसफर नहीं होता है तो सभी अधिवक्ता जिलाधिकारी कोर्ट का बहिष्कार रखेंगे.
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