अमेरिका के लगभग 2,500 मरीन सैनिक पश्चिम एशिया क्षेत्र में पहुंचे
पश्चिम एशिया में एक माह से जारी संघर्ष के बीच अमेरिका के लगभग 2,500 मरीन सैनिक इस क्षेत्र में पहुंच गए हैं और इसके साथ ही यहां पिछले दो दशकों में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती हो गई है. इसके अलावा, 82वीं ‘एयरबोर्न डिवीजन’ के कम से कम 1,000 ‘पैराट्रूपर्स’ को भी पश्चिम एशिया भेजने का आदेश दिया गया है, जो दुश्मन के इलाके में उतरकर अहम ठिकानों और हवाई पट्टियों को सुरक्षित करने में सक्षम हैं.
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका ‘‘जमीनी बल उतारने के साथ ही अपने सभी उद्देश्यों को हासिल कर सकता है.’’ इस बीच, रविवार को ईरान ने क्षेत्र में स्थित इजराइली और अमेरिकी विश्वविद्यालयों को निशाना बनाने की धमकी दी। ऐसा पहली बार है जब ईरान ने शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने की खुले तौर पर धमकी दी है.
सरकारी मीडिया ने खबर में बताया कि अर्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने एक बयान में चेतावनी दी कि यदि ईरानी विश्वविद्यालयों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो क्षेत्र में मौजूद इजराइली विश्वविद्यालयों और अमेरिकी विश्वविद्यालयों के परिसर को ‘‘सीधे तौर पर’’ निशाना बनाया जाएगा. रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा, “यदि अमेरिका सरकार चाहती है कि क्षेत्र में उसके विश्वविद्यालय सुरक्षित रहें, तो वह सोमवार 30 मार्च दोपहर 12 बजे तक आधिकारिक बयान जारी कर (ईरानी) विश्वविद्यालयों पर हो रहे हमलों की निंदा करे.”

