सुरकुंडा देवी मंदिर रोप वे (ETV Bharat)
टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले व्यवस्थाओं को चाक चौबंद किया जा रहा है. इसी कड़ी में चारधाम यात्रा के मार्गों में पड़ने वाले मंदिरों में भी तैयारियां की जा रही हैं. मंदिरों में रंग रोगन के साथ ही सजावट कार्य किया जा रहा है. वहीं, टिहरी गढ़वाल के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां सुरकुंडा देवी मंदिर को लेकर भी बड़ी खब आई है. सुरकुंडा देवी मंदिर का रोपवे श्रद्धालुओ के लिए 30 मार्च से 5 अप्रैल तक बंद रहेगा. बताया जा रहा है कि इन दिनों मेंटेनेंस का काम किया जाएगा.
टिहरी के सिद्धपीठ मां सुरकुंडा देवी मंदिर का रोपवे का संचालन 30 मार्च से 5 अप्रैल तक बंद रहेगा. इस बीच रोपवे का रख रखाव का कार्य किया जायेगा.रोपवे प्रबंधन के अनुसार इस दौरान रोपवे की मुख्य ढुलाई रस्सी को बदला जाएगा. यह कार्य सुरक्षा मानव के अनुरूप जरूरी है. जिससे भविष्य में यात्रियों को सुरक्षित और सुंचारू सेवाएं मिल सके. साथ ही रोपवे बंद रहने की अवधि में श्रद्धालुओं को मंदिर तक माता के दर्शन करने के लिए पैदल मार्ग का उपयोग करना होगा. रोपवे प्रबंधन ने प्रशासन और संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी है.वहीं, रोपवे प्रबंधन ने श्रद्धालुओ से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि निर्धारित अवधि में यात्रा से पूर्व जानकारी अवश्य प्राप्त करें ले.
बता दें टिहरी के कद्दूखाल क्षेत्र स्थित सिद्धपीठ मां सुरकंडा देवी के दर्शन को रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. सुरकंडा देवी मंदिर समुद्र तल से 2,750 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. कद्दूखाल से मंदिर परिसर तक करीब डेढ़ किमी की खड़ी चढ़ाई है, जिसे चढ़ने में करीब डेढ़ से दो घंटे लग जाता है. रोपवे शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं को राहत मिली है.
कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर परिसर तक करीब 600 मीटर का रोपवे तैयार (600 meter ropeway) है. सुरकंडा रोपवे प्रोजेक्ट (Surkanda Ropeway Project) में 6 टावर के सहारे 16 ट्रॉलियों का संचालन हो रहा है. प्रत्येक ट्राली में 4 यात्रियों के बैठने की अनुमति है. रोपवे से आने-जाने का किराया भी कम ही है. जिसके कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु रोपवे से मां सुरकंडा मंदिर तक पहुंचते हैं. अब इसकी मेंटिनेंस के लिए इसे आज बंद रखा जाएगा.
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